sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi | तुम क्या साथ निभाओगे | sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi

तुम क्या साथ निभाओगे

तुम क्या साथ निभाओगे
वक़्त आने पर मुकर जाओगे
उड़ जाते है, भवरे फूलों से जैसे मतलब
निकलने पर ………
तुम भी वैसे ही छोड़कर मुझे चले जाओगे
इश्क़, मोहब्बत उनके बस की बात कहां
जो डरते है बदनामी से
तुम मेरे लिए कहा बदनाम हो पाओगे
लोगो ने मुझे पागल, पगली कई नाम दिये
तुम भी मेरी तरहा इन नामो से नवाज़े जाओगे
एकबार जो मेरा नाम तेरे नाम से जुड़ा
फिर चाहकर भी तुम इसको मिटा ना पाओगे
हमने कभी प्यार को नहीं चुना इसने हमे चुना है
क्या इसके लिए तुम दुनिया से लड़ पाओगे
मैंने तो बना लिया है इबादत इसे
क्या तुम अपनी जिंदगी मे इसे थोड़ी सी
जगहा दे पाओगे ……..

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