sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | एक मीठा ख़्वाब आंखों का तुम्हारा थी

sad poetry in hindi on love

एक मीठा ख़्वाब आंखों का तुम्हारा थी

एक मीठा ख़्वाब आंखों का तुम्हारा थी
तुम्हारी छत पर निकलने वाला सितारा थी

तू था समंदर अपनी मौज में बहने वाला
मैं तुमको तकता किनारा थी

तू चाहे लाख छुपाले दुनिया से
मगर मैं ही तुम्हारा इश्क़ पुराना थी

दी जगहा तुमने अपने दिल में वरना
मैं तो एक खुशबू आवारा थी

जिसको जला दिया दुनिया वालों ने
तेरी वो ही गज़ल मेरे जीने का सहारा थी

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