sad poetry in hindi on love
मुझको रूहों वाले प्यार से डर लगता है
मुझको रूहों वाले प्यार से डर लगता है
हीर और रांझे के हुए हाल से डर लगता है
अगर साथ दो गे तो ही आना जिंदगी में
मुझको बिछड़ने के एहसास से डर लगता है
रखती हूं तुम्हारी तस्वीर को इसलिए साथ में
क्योंकि मुझको तन्हां रात से डर लगता है
लोग कहते है वो लौटकर नहीं आने वाला
मुझको लोगो की इस बात से डर लगता है
जो कर जाती है तेरी यादों को फिर से ताजा
सावन की उस पहली बरसात से डर लगता है
sad poetry in hindi on love
