sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | किसकी चाहत मे लूटा जा रहा हूँ

sad poetry in hindi on love

किसकी चाहत मे लूटा जा रहा हूँ

किसकी चाहत मे लूटा जा रहा हूँ
किसकी याद मे मिटा जा रहा हूँ
कौन लगा रहा है शदीद धुंध से आवाज़े
कौन चला जाता है नीदो से उठा के
किसका खत दरवाजे पे पड़ा होता है
कौन है जो राहों मे खड़ा होता है
किसके एहसास से बड़ जाती है धड़कने
किसके लिए है बेकरार ये लम्हे
किसकी रंगत आज दिन ने चुराई है
किसके नाम पर शाम शरमाई है
मुझे चाहने वाले एकबार सामने तो आ
अपना तू खूबसूरत चेहरा तो दिखा
कौन है तू, अपनी पहचान तो बता
मेरी मोहोब्ब्त को यूं न तड़पा
मुझे चाहने वाले एकबार सामने तो आ

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