sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | अगर तेरी यही रज़ा है तो कोई बात नहीं

sad poetry in hindi on love

अगर तेरी यही रज़ा है तो कोई बात नहीं

अगर तेरी यही रज़ा है तो कोई बात नहीं
मेरे हिस्से मे सजा है तो कोई बात नहीं

तू ले जा बटोर के खुशिया सारी
दर्द मेरे लिए बचा है तो कोई बात नहीं

मैंने तो देख लिया है यार मे खुदा अपना
दुनिया की नजरों मे ये खता है तो कोई बात नहीं

मैं तो अपने यार की हर बात के सदके दोस्तों
अगर वजह वो मेरे गम की बना है तो कोई बात नहीं

तू दे चाहे जीतने भी दुख मेरे महबूब मुझे
इसमे तेरे लिए अगर मज़ा है तो कोई बात नहीं

मेरे लिए तो पूरी की पूरी कायनात है इश्क़
तेरे लिए इस मे कुछ नहीं बचा है तो कोई बात नहीं

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