sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | भले ही इश्क़ मेरा न किसी अंजाम तक पहुंचे

sad poetry in hindi on love

भले ही इश्क़ मेरा न किसी अंजाम तक पहुंचे

भले ही इश्क़ मेरा न किसी अंजाम तक पहुंचे
मैं उसे चाहता हूँ ये पेगाम तो मेरी जान तक पहुंचे

गम ए आशिक़ी तेरा बड़ा एहसान होगा मुझ पर
अगर किसी रोज़ ज़िक्र मेरा उसकी जुबान तक पहुंचे

शुरु हुई थी जो दोस्ती निगाहों ही निगाहों मे
खुदा के वास्ते कभी तो वो सलाम तक पहुंचे

जिस फूल को इतने दिने से बड़े प्यार से पाला
उस के खिलने की खबर तो बागबान तक पहुंचे

कभी तो बनकर मैं याद उस को तड़पाऊँ
कभी तो प्यार मेरा एहसास बनकर उसके ख्वाब तक पहुंचे

पहुंचे मेरी दुआ आज या तो खुदा के घर तक
या आज मेरी तस्वीर उसके कमरे की दीवार तक पहुँच

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