sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जुदाई के पल पल

sad poetry in hindi on love

जुदाई के पल पल

जुदाई के पल पल हमने गमों के साए में बिताए है
दुख अपने सिर्फ हमने तन्हाइयों को सुनाए है

जब जब चली है हवा तेरी यादों की यारा
तो उसने परिंदे उदासियों के मेरे आंगन से उड़ाए है

अगर बढ़ाया है दर्द मेरे जख्मों का तेरे गमों ने
तो उन्ही गमों ने उन पर मरहम भी लगाए है

जो खरीदकर दिए थे तुमको अपनी कमाई से
सुना है वो पायल,कंगन तुमने नदी में बहाए है

क्या बधाएं हम किसी को ढांढस मेरे दोस्त
हम तो खुद अपने ही महबूब के सताए है

ठुकराए गए थे एकदीन जिस दर से हम
आज सुकून की तलाश में फिर उसी पर आए है

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