sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | मोहोब्ब्त करने वालों का दर्द कहाँ सारे समझते है

sad poetry in hindi on love

मोहोब्ब्त करने वालों का दर्द कहाँ सारे समझते है

मोहोब्ब्त करने वालों का दर्द कहाँ सारे समझते है
ये तो वो गम है जो सिर्फ इश्क़ के मारे समझते है

दिन रात तूफानों से लड़ रही कश्ती का दुख
यहाँ सिर्फ और सिर्फ समंदर के किनारे समझते है

जीतने के बाद जो हार गया हो अपने ही महबूब से
ये वो गम है जो यहाँ पर दीवाने समझते है

समझते है यहाँ पर या तो मुझको सिर्फ शायर
या मुझको यहाँ पर दोस्तों माँयखाने समझते है

जो डूबा रहा हो उम्रभर अपने ही आँसूओ मे
उसको कहाँ मौसम सावन के सुहाने समझते है

जिसके तले मैंने काटी है राते तड़प तड़प के
मुझको तो सिर्फ वो आसमान के तारे समझते है

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