sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | एक उसके ही हाथों मे मेरा नसीब था

sad poetry in hindi on love

एक उसके ही हाथों मे मेरा नसीब था

एक उसके ही हाथों मे मेरा नसीब था
जो मेरी साँसों से भी ज्यादा मेरे करीब था

खिल जाए कोई भी फूल आसानी से जहां पर
वो मोहोब्बतों की एक ऐसी जमीन था

आया था मुझको सीखने नगमा प्यार का
मैं ही समझ न पाया,मैं कितना बदनसीब था

उसको तो आदत थी तूफानों की दोस्तों
उसका घर जो समंदर के करीब था

गरीब था शायाद वो जेब से अपनी
पर मोहोब्ब्त के मामले मे बड़ा खुशनसीब था

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