sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | उसका खत अलमारी में जिंदगी भर छुपाए रक्खा

sad poetry in hindi on love

उसका खत अलमारी में जिंदगी भर छुपाए रक्खा

उसका खत अलमारी में जिंदगी भर छुपाए रक्खा
उसका दिया गुलाब कोट पर अपने सजाए रक्खा

ठुकरा कर चला गया था जिसको एकदीन वो
दोस्तों उसी रिश्ते को हमने उम्रभर निभाए रक्खा

उजड़ न जाए कही उसका बसा बसाया आशियानां
यही सोचकर अपनी मोहोब्ब्त को दिल मे दबाए रक्खा

न हो शर्मसार दुनिया के सामने मेरी मोहोब्ब्त
चुप रहकर हमने उसको बदनामी से बचाए रक्खा

रक्खा उसने मेरी हर ईक चाहत का हिसाब दोस्तों
मगर हमने भी अपने दर्द को उससे छुपाए रक्खा

था न जिसमे हमको एक पल का भी सुकून
उसी मोहोब्ब्त को हमने उम्रभर सिने से लगाए रक्खा

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