sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जब भी देखूं कोई सपना तो तेरा देखूं

sad poetry in hindi on love

जब भी देखूं कोई सपना तो तेरा देखूं

जब भी देखूं कोई सपना तो तेरा देखूं
तेरे सिवा किसी और का न चेहरा देखूं

देखूं तेरी बाहों में पिघलता हुआ खुद को
खुद को तेरे जिस्म पर मैं फैला देखूं

तेरी आंखों में हो सिर्फ अक्स मेरा यारा
और तेरे होंठों पर मैं नाम अपना देखूं

देखूं बहता हुआ खुद को तेरे ख्वाबों में
तेरी यादों में मैं खुद को ठहरा देखूं

जो धड़कन बनकर बसा है दिल में मेरे
उसी की परछाई में मैं अपना साया देखूं

देखूं जब जब उसको हसता हुआ दोस्तों
मैं तब तब खुद को और भी निखरता देखूं

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