sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | मेरी गजलों की किताब कहां गई

sad poetry in hindi on love

मेरी गजलों की किताब कहां गई

मेरी गजलों की किताब कहां गई
जिस पर लगी थी उसकी तस्वीर
वो दीवार कहां गई
मैने कहा था मेरा इंतजार करना
फिर छोड़कर वो लड़की घरबार कहां गई
जिसने सींचा था मुझे मोहब्बत की मिट्टी से
यारों वो बहार कहां गई
वो मेरे रूह की जरूरत,वो मेरे दिल की
प्यास कहां गई
जो पुकारती थी मुझको नदी के उस पार से
वो आवाज़ कहां गई
कोई तो उसको ढूंढ लाओ दोस्तों
वो मेरी इकलौती जान कहां गई
जिसने मेरी नज़्मों,गजलों,कविताओं को सराहा
वो मेरी तरफदार कहां गई
वो मेरे दिल का इंतजाम कहां गई
वो देकर मुझे मोहब्बत का ख्वाब कहां गई
कटती नहीं अब ये राते तन्हां तेरे बिना
आना है तेरे पास एकबार बता दे तू यार कहां गई

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