sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | वो एक अनकहा ख्वाब सा था

sad poetry in hindi on love

वो एक अनकहा ख्वाब सा था

वो एक अनकहा ख्वाब सा था
वो झील में उतरता चांद सा था
जो मिटा गया तड़प उम्रभर की
वो मिलन की उस रात सा था

क्यूं नही पाई मंजिल मोहब्ब्त ने
उसके होंठो पे ये सवाल सा था
आज जब देखा उसकी आंखों में
तो हाल उसका भी मेरे हाल सा था

जिसने सहारा दिया मेरी छत को
वो घर की उस दीवार सा था
मेरी गजलों में जो गहराई है
वो उसके इश्क़ का कमाल सा था

मैंने किया पीछा हर उस शख्स का
नाम जिसका उसके नाम सा था
कोई भी सावन बुझा न पाया जिसे
वो मेरी दिल की उस प्यास सा था

वो ढलता सूरज था मेरे अंदर दोस्तों
वो मेरे अंदर निकलती शाम सा था
कोई फ़र्क न था मुझमें और उसमे
वो तो बिल्कुल मेरी जात सा था

भवर में फसी मेरी नाव को यारा
तेरी मौज का इंतजार सा था
तू बचा लेगा डूबने से मुझ को
तेरी मोहब्बत पे ये ऐतबार सा था

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