sad poetry in hindi on lovesad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | हर तरफ यादों की परछाइयां

sad poetry in hindi on love

हर तरफ यादों की परछाइयां

हर तरफ यादों की परछाइयां और दर्द का गुबार था
मोहब्बत में मैंने जो पाना था क्या ये ही वो मुक़ाम था
एक हुजूम था तैयार मेरे कदमों में जान देने के लिए
पर मेरे लबों तो हर वक्त जानां सिर्फ तेरा नाम था

लोग रो देते थे अक्सर सुनकर मेरी गज़ले,उन्हें क्या पता
ये तेरी मोहब्बत का नही मेरी तन्हाई का कमाल था
तड़प रहे है आज फिर से मेरे जख्म हरा होने के लिए
आज फिर से मेरे जख्मों को जानां तेरा इंतजार था

मेरा गम,मेरा दर्द,मेरी तकलीफ में भले ही तू बे शुमार
फिर भी मेरी रूह,मेरे जिस्म,मेरे दिल में तेरा हिस्सा बे हिसाब
जाने से पहले एकबार तो देख लेते पीछे मुड़ कर तुम
मैं खड़ी थी वहीं,मैंने तुम को पुकारा बार बार था

sad poetry in hindi on love
sad poetry in hindi
sad poetry in hindi on love
Share With :