sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तुम रोक न पाओगे कभी भी मेरी यादों को

sad poetry in hindi on love

तुम रोक न पाओगे कभी भी मेरी यादों को

तुम रोक न पाओगे कभी भी मेरी यादों को
तुम रोक न पाओगे नीदो में आने से मेरे ख्वाबों को

तेरा नाम लेकर जो पुकारती है सिर्फ तुम को
तुम रोक न पाओगे मेरी उन आवाजों को

जिसने भिगोया था हमे पहली ही मुलाकात में
तुम रोक न पाओगे सावन की उन बरसातों को

तुझे पाने के लिए मैंने की है जो खुदा के आगे
तुम रोक न पाओगे मेरी उन फरियादों को

दिन तो जैसे तैसे कट जाएगा तुम्हारा पर
तुम रोक न पाओगे बैचेन करती उन तन्हा रातों को

मोहब्बत में जो तुमने तोड़ दिए थे यारा
तुम रोक न पाओगे याद आने से उन वादों को

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