sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जो मोहब्बत का मारा हो

sad poetry in hindi on love

जो मोहब्बत का मारा हो

जो मोहब्बत का मारा हो वो फिर कभी तन्हा नही मिलता
दर्द और गम मिलते है उसके पास पर हस्ता नही मिलता

चल कर जिस पर मिल जाए उसको सुकून के कुछ पल
मोहब्बत के मुसाफिर को उम्रभर वो रस्ता नही मिलता

मिलता है जो भी महबूब से हसकर कर लेता है स्वीकार
पर कभी भी खुदा से कोई शिकायत करता नही मिलता

मैं देखना चाहता हूं बस एकबार जी भर के तुझ को जानां
पर क्या करूं कहीं से भी मुझ को तेरे पता नही मिलता

जो उठाए मेरे नखरे,सहे मेरी बेरूखी,मनाए मुझे प्यार से
लाखों मिले है तेरे बाद पर जानां तुझ सा नही मिलता

sad poetry in hindi on love
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