sad poetry in hindi on love

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तुझ को कभी भी

sad poetry in hindi on love

तुझ को कभी भी

तुझ को कभी भी पलटकर हमने बेवफा नहीं कहा
मिले है जो गम तुझ से उसी को अपनी खुशी कहा

तू दे चाहे जितने ज़ख्म तू कर ले चाहे लाख सितम
तेरे खुशी में खुश है हम तेरी खुशी को बंदगी कहा

पल पल मांगी है दुआ हमने मौत की जानेजा
जो बीत गए तेरे साथ उन्ही लम्हों को जिंदगी कहा

जो भूले से आ भी जाती थी तेरी याद हमको कभी
तो उन्ही पलो को हमने तेरी रहमतों की घड़ी कहा

लेकर आया है जो भी तेरी खबर मुझ तक कभी
चूमे है पैर उसके, उसको खुदा का आदमी कहा

तेरी यादों के जंगल में जो भटकते हुए कभी हमे
दिखा तारा तेरे ख़्याल का उसको किरण रोशनी की कहा

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