sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | गम को दवा बनाने में जरा सी देर लगती है

sad poetry in hindi on love

गम को दवा बनाने में जरा सी देर लगती है

गम को दवा बनाने में जरा सी देर लगती है
गजलों में नाम कमाने में जरा सी देर लगती है

जिसे रखा हो दुनिया से छुपाकर दिल में अपने
उसे सबके सामने लाने में जरा सी देर लगती है

बाकी का सफर हो जाता है आसान मोहब्बत में
बस पहला कदम बढ़ाने में जरा से देर लगती है

मोहब्बत तो काम होता है सब्र वालों का यारों
इसमें जगह दिलों में बनाने में जरा से देर लगती है

जिसे तू रोज़ मांगता है मंदिरों और मस्जिदों में
उस दुआ को खुदा तक जाने में जरा सी देर लगती है

जो एहसास मोहब्बत बनकर पनप रहा है तेरे दिल में
उसे महबूब के दिल तक पहुंचाने में जरा सी देर लगती है

sad poetry in hindi on love
sad poetry in hindi
sad poetry in hindi on love
Share With :