sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तुझ से दूर होकर मैं रह नही पाऊंगा

sad poetry in hindi on love

तुझ से दूर होकर मैं रह नही पाऊंगा

तुझ से दूर होकर मैं रह नही पाऊंगा
दर्द ये जुदाई का मैं सह नहीं पाऊंगा

मर जाऊंगा अंदर ही अंदर घुट कर मैं
पर तेरी बेवफाई किसी से कह नहीं पाऊंगा

कर दूंगा खुद को दफ़न तेरे शहर की गलियों में
फिर से फिज़ा में मोहब्बत बनकर बह नहीं पाऊंगा

जो दूरियां ले आया है हमारे दरमियां तू
उस दीवार को चाहकर भी मैं ढह नही पाऊंगा

मैं वो फूल हूं तेरे आंगन का जिसे तूने खिलाया
अब बिना तेरी मोहब्बत के हरा रह नही पाऊंगा

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