sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तेरा साथ न छोडूंगी मैं तेरी परछाई हूं

sad poetry in hindi on love

तेरा साथ न छोडूंगी मैं तेरी परछाई हूं

तेरा साथ न छोडूंगी मैं तेरी परछाई हूं
तेरी एक आवाज पे मैं दौड़ी चली आई हूं

जिस पर खर्च की है तूने अपनी जवानी
मैं बरसों से जोड़ी हुई तेरी वो कमाई हूं

मोहब्बत का एक नगर अपने दिल में लिए
एक ख्वाब नई दुनिया का तेरे लिए लाई हूं

तेरे साथ शुरू करने के लिए एक सफर नया
मैं पीछे अपने एक ज़हान छोड़ आई हूं

मुझे क्या दुख देंगे ये दुनिया वाले दोस्तों
मैं तो अपने महबूब की ही सताई हूं

उसकी मोहब्बत के लिए मैं पगली
खुद को न जाने कहा पर भुला आई हूं

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