sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | कहां छुप गया वो मंजिल पर पहुंचा कर

sad poetry in hindi on love

कहां छुप गया वो मंजिल पर पहुंचा कर

मुझ भटके हुए को रास्ता दिखा कर
कहां छुप गया वो मंजिल पर पहुंचा कर

मेरी अंधेरों से भी काली इस दुनिया में
वो चला गया दीये उम्मीदों के जला कर

एक परिंदा छोड़ गया मोहब्बत का
वो दरवाजा मेरे दिल का खटखटा कर

कर दिया उसने आसान सफ़र मेरा
मेरे रास्ते के सारे पत्थर उठा कर

क्या ये ही थी उसकी मोहब्बत दोस्तों
वो हर किसी से मिलता था मुझे अपना बता कर

चढ़ा न बाद में रंग किसी और का मुझ पर
चला गया अपना ऐसा रंग चढ़ा कर

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