sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | एक जख्म फिर से नया खाने को

sad poetry in hindi on love

एक जख्म फिर से नया खाने को

एक जख्म फिर से नया खाने को
मैं निकला हूं तेरे दर पे आने को
सितम सारे तेरे उठाने को
मोहब्बत मे खुद को आज आजमाने को
तुझ पत्थर दिल को पिघलने को
लाया हूं एक नग़मा तुझे सुनाने को
तेरे सारे गिले आज मिटाने को
नफरतों की दीवारें गिराने को
इस जमाने को आज दिखाने को
अपना प्यार तुझे जताने को
यारा तेरे संग मुस्कुराने को
लाया हूं अपनी मुस्कान तेरे चेहरे पे सजाने को
तुझे अपने दिल में छुपाने को
तेरी आंखों से बह जाने को
तेरी सांसों में जल जाने को
छोड़कर पीछे आज जमाने को
तेरे साथ घर बसाने को
लाया हूं अपना जीवन तेरे साथ बिताने को

sad poetry in hindi on love
sad poetry in hindi
sad poetry in hindi on love
Share With :