sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तुझ से जुदा होकर मैं किधर जाऊंगा

sad poetry in hindi on love

तुझ से जुदा होकर मैं किधर जाऊंगा

तुझ से जुदा होकर मैं किधर जाऊंगा
सांस बनकर तुझ में ही ठहर जाऊंगा

आऊंगा शाम बनकर तुझ से मिलने
धूप बनकर तेरे आंगन में बिखर जाऊंगा

रह जाऊंगा एक ख़्वाब बनकर तेरी निदो तक
जिस दिन तेरा शहर मैं छोड़कर जाऊंगा

याद बनकर ठहरूंगा तेरे दिल में सदा
पर वक्त की तरह एकदिन गुजर जाऊंगा

तुझे देखकर तो ही चलती है सांसे मेरी
तुझ से दूर जाते ही मैं मर जाऊंगा

न कर मजबूर मुझे अपने दर से उठने के लिए
यारा यहां से जाते ही मैं भटक जाऊंगा

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