sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तेरे नाम से बदनाम मेरी जान

sad poetry in hindi on love

तेरे नाम से बदनाम मेरी जान

हो गई हूं आज मैं तेरे नाम से बदनाम मेरी जान
मगर अच्छा लगा मुझे इश्क़ का ये अंजाम मेरी जान

इक उम्र गवाई है तेरी मोहब्बत में मैंने
फिर जाकर कहीं मिला है ये मुकाम मेरी जान

खड़ा कर दिया है जहां लाकर तुमने मुझको
लग रहा है मुझपर वहां रोज एक नया इल्जाम मेरी जान

टूटता क्यूं नही अब ये जुदाई का सिलसिला
क्यूं नही आती कोई मिलन की शाम मेरी जान

सूख गई है तेरे इंतजार में आंसू बहाते बहाते आंखे मेरी
हो गया है बूढ़ा वो पेड़ जिस पर लिखा था तेरा नाम मेरी जान

लोग कहते है इश्क़ अपने आप में इबादत है खुदा की
और ये इबादत होती नही कभी भी नाकाम मेरी जान

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