sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | मेरे अंदर से आज एक आवाज आई

sad poetry in hindi on love

मेरे अंदर से आज एक आवाज आई

मेरे अंदर से आज एक आवाज आई
जब मैं आज तेरे पास आई
की ये कच्चे लम्हों के धागे
क्यूं पक्के रिश्तों में बदल नही जाते
क्यूं तुम मेरा मुकद्दर बन नही जाते
सर्द रातों में जमी हुई सांसे मेरी
तुझे सोचने भर से ही पिघल जाती है
तेरी तस्वीर देखते देखते पता ही नही चलता
कब ये काली राते निकल जाती है
क्या तुम मेरी बचपन की कहानियों
का राजकुमार बनोगे
क्या तुम मेरी मोहब्बत का किस्सा
मेरी जिंदगी का हिस्सा बनोगे
तेरी बाते मुझ में जिंदगी की उम्मीद जगाती है
मेरी मोहब्बत तुझ से मिलने के नए नए
बहाने बनाती है
तेरी आवाज मुझ में शहद सा घोल जाती है
तेरी आंखे मुझे प्यार के समंदर में डूबो जाती है
क्या तुम जिंदगी के इस सफर में मेरे साथ चलोगे
क्या तुम भी मुझ से मेरी तरह प्यार करोगे

sad poetry in hindi on love
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