sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | वो बरसों से सोया न था

sad poetry in hindi on love

वो बरसों से सोया न था

वो बरसों से सोया न था
एक पल को भी रोया न था
मोहब्बत की लाश को कंधों पर लिए
लिए हाथ में वो बुझे हुए दिए
भटक रहा था वो आज भी
मोहब्बत की अंधेरी गलियों में
धूप उसे तपा रही थी
चांदनी उसे जला रही थी
सपने तेरे दिखा रही थी
पल पल उसे तड़पा रही थी
यार का घर पास में है
राहें उसे बता रही थी
चीख उसके घाव पड़े
जब छाले उसके पांव में पड़े
फिर भी वो नाम तेरा लिए जा रहा था
हर पल वो मुस्कुरा रहा था
बताकर तेरी खूबसूरती
फूलों को वो चिढ़ा रहा था

sad poetry in hindi on love

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