sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जब जब तुझ से दूर गया तो खो गया वजूद मेरा

sad poetry in hindi on love

जब जब तुझ से दूर गया तो खो गया वजूद मेरा

जब जब तुझ से दूर गया तो खो गया वजूद मेरा
जब जब आया करीब तेरे तो क्यूं मैं जी उठा
ये एक ऐसा सवाल है जो कर रहा परेशान है
जिसकी मुझको तलाश है तेरे पास उसका जवाब है
क्यूं मैं तेरे रंग में रंग गया,क्यूं मैं तेरी सांसों से बंध गया
क्यूं मैं तेरा साया बन गया, तू ही अब बता
यूं ही चलता रहे सिलसिला, यूं ही रहे तू मुझसे मिलता
कभी आए न हमारे दरमियां यारब अब दूरियां
रहता है हर घड़ी क्यूं तेरा ही ध्यान मुझको
क्यूं आता नही एक पल को भी अब करार मुझको
मैं धूप बनकर खिलूंगा, तुझ को हर मोड़ पे मिलूंगा
बनकर रास्ता तेरी मंजिल का तेरे साथ साथ मैं चलूंगा
देना न अब रुसवाईयां, तू लाना न अब जुदाईयां
तेरे संग है निभानियां मुझको अब ये यारियां
तू भी अब कुछ बता, हाल अपने दिल का सुना
जज्बातों को अपने तू दिखा,ख्वाबों को अपने तू बहा मेरे साथियां

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