sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | क्यूं रहती है तेरी फिक्र

sad poetry in hindi on love

क्यूं रहती है तेरी फिक्र

क्यूं रहती है तेरी फिक्र
क्यूं होता है तेरा ज़िक्र
क्यूं जाते है तेरे घर की तरफ कदम
क्यूं लगता नही कहीं मन
क्यूं देखकर तुझको करार आये
क्यूं रातों को तेरा ख्वाब आये
क्यूं तन्हाई भाने लगी
क्यूं तेरी खामोशियां सताने लगी
क्यूं मोहब्बत तूने नहीं निभाई
क्यूं दे गया तू जुदाई
क्यूं दोस्त कहते है मैं बदल गया
क्यूं प्यार में तेरे पड़ गया
क्यूं आज बात तेरी उठाई गई
क्यूं तेरी गजल मुझे सुनाई गई
क्यूं याद तेरी दिलाई गई
क्यों फिर से मेरी बैचेनी बढ़ाई गई

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