sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | रेत की तरह आज मैं बिखर गया

sad poetry in hindi on love

रेत की तरह आज मैं बिखर गया

रेत की तरह आज मैं बिखर गया
मानो इश्क़ की राहों में जैसे सवर गया
पाया जो सुकून नजदीकीयों से तेरी
तो दुनियाभर की दौलत से मैं मुकर गया
बन गया आज तू खुदा मेरा
और तेरी इबादत मैं बन गया
जो था तूफान दर्द का मेरे अंदर
तुझको देखते ही आज वो थम गया
समझता न था जो किसी को कुछ भी
तेरे इश्क़ में पड़कर वो कितना बदल गया
बन गया है अब तू साया मेरा
टकराया हर उस मोड़ पर मैं जिस तरफ गया
गुजर गया कब वक्त आंखों में तेरी
कब मैं सिर से पांव तक निखर गया
जब से पड़ा है दिल की दहलीज पर कदम तेरा
मेरा तो मानो जैसे जीवन ही बदल गया

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