sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | एक पत्थर के आगे सिर झुकाते है हम

sad poetry in hindi on love

एक पत्थर के आगे सिर झुकाते है हम

एक पत्थर के आगे सिर झुकाते है हम
फिजूल ही अपने आँसूं बहाते है हम

ये मैं नहीं मेरी मोहब्बत है तेरे वास्ते
जिसकी खातिर रोज चले आते है हम

तोड़ दिया जिसको दुनिया वालों ने
धुन उसी साज से बजाते है हम

जिन आँखों में प्यार नही मेरे लिए
देखकर उन्ही में अपनी प्यास बुझाते है हम

मिली है बार बार जिस दर से रुसवाई
लौटकर बार बार उसी के दर पे जाते है हम

जिसको बंजर कहकर छोड़ दिया बस्ती वालों ने
चलो आज वहीं पे अपना घर बसाते है

sad poetry in hindi on love
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