sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जो उसके लबों के लिए तरसता रह गया, मैं वो जाम हूं

sad poetry in hindi on love

जो उसके लबों के लिए तरसता रह गया, मैं वो जाम हूं

जो उसके लबों के लिए तरसता रह गया, मैं वो जाम हूं
जो उसके बालों से झड़कर गिर गया, मैं वो गुलाब हूं
जो कभी धूल न पाया उसके दामन से, मैं वो दाग हूं
जो डूबो आया अपने ही महबूब को आसूंओं में, मैं वो सैलाब हूं
जो चीख चीख कर सुना रहा है अपने खंडर होने की दास्तां, मैं वो मकान हूं
जिस की कहानी का अंत बहुत ही दुखद लिखा गया, मैं वो किताब हूं
जो इश्क़ जैसे लाइलाज रोग से ग्रस्त है, मैं वो बीमार हूं
जो वादा करके कभी वापिस ना लौट सका, मैं वो गुनहगार हूं
जिसने डूबकर मर दिया सोहनी महिवाल को, मैं वो चनाब हूं
जिसके हिस्से में मोहब्बत में सिर्फ दुख, दर्द, तन्हाई, जुदाई आई, मैं वो लाचार हूं

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