sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | आज खुलकर इन आंखों से बारिशे होने दो

sad poetry in hindi on love

आज खुलकर इन आंखों से बारिशे होने दो

आज खुलकर इन आंखों से बारिशे होने दो
आज जी भर के तुम मुझे रोने दो
ये लम्हे शायद फिर कभी लौटकर न आए
आज इन लम्हों को तुम मुझे पिरोने दो

रखने दो मेरा सिर अपनी गोद में तुम
और दो घड़ी सुकून से मुझे सोने दो
तुम्हारे बाद ये जिंदगी बड़ा दुख देने वाली है
तुम्हारे साथ कुछ पल प्यार के संजोने दो

आज मैं, मैं न रहूं, भूल जाऊं तुझ में खुद को
कुछ ऐसे तुझ मे आज मुझे खोने दो
आओ भाग जाए कहीं दूर इस मतलबी दुनिया से
फिर हमारे साथ जो होता है आज वो होने दो

ये लम्हे शायद फिर कभी लौटकर न आए
आज इन लम्हों को तुम मुझे पिरोने दो

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