sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | उसकी जुबां से मेरे लिए दुआ निकले

sad poetry in hindi on love

उसकी जुबां से मेरे लिए दुआ निकले

उसकी जुबां से मेरे लिए दुआ निकले
उसकी आंखों से मेरे ज़ख्मों की दवा निकले
भुला देती है उसकी बाते मेरे सारे दुख, दर्द
उसके दिल से मेरे सुकून का रस्ता निकले

बहता है मोहब्बत का झरना उसके अंदर से
उसमे से नहा कर मेरी रूह का बगुला निकले
जो कभी गिरे उसकी आंखों के आँसू मुझ पर
तो मुझ पत्थर से भी एक दिन खुदा निकले

वो मोहब्बत का एक ऐसा गुलिस्ताँ है यारों
जिस में से हर एक परिंदा हसता निकले
उसकी तारीफ में और क्या कहूं, बस इतना ही
उसके छूते ही मेरा सारा गम बहता निकले

उसकी जुबां से मेरे लिए दुआ निकले
उसकी आंखों से मेरे ज़ख्मों की दवा निकले

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