sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तेरी मोहब्बत ने मुझे कितना बेकार बना दिया

sad poetry in hindi on love

तेरी मोहब्बत ने मुझे कितना बेकार बना दिया

तेरी मोहब्बत ने मुझे कितना बेकार बना दिया
होना चाहता था पागल और गुनहगार बना दिया
बनना चाहता था तेरे रास्ते की मजिल मैं
और तेरी मोहब्बत ने मुझे दीवार बना दिया

जो बुझा नही सकता किसी की प्यास वो तालाब बना दिया
रखना नही चाहता जिस पर कोई पांव वो रेगिस्तान बना दिया
रहता हूं अब खुद से ही बचकर मैं, कितना समझदार बना दिया
तुमने मुझे मेरे ही गमो का खरीदार बना दिया

तेरे जाने के बाद लिखने लगा हूं थोड़ा बहुत
दोस्त कहते है उसने तुझे शायर लाजवाब बना दिया
उठती है कसक रह रह कर तेरी यादों की दिल में
तुमने मुझे अपनी मोहब्बत का तलबगार बना दिया

तेरी मोहब्बत ने मुझे कितना बेकार बना दिया
होना चाहता था पागल और गुनहगार बना दिया

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