sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तेरी मोहब्बत मे ऐसे मोड़ भी आए है

sad poetry in hindi on love

तेरी मोहब्बत मे ऐसे मोड़ भी आए है

तेरी मोहब्बत मे ऐसे मोड़ भी आए है
जब दिन मैने तड़प तड़पकर बिताए है
डसती थी तन्हाइयां रातभर मुझको
और आंखों से मैने दर्द के दरिया बहाए है

जब भी मिलता था मुस्कुराकार मिलता था सबसे
ज़ख्म मैंने अपने किसी को न दिखाए है
बिताए थे जो पल अकेले में तेरे साथ
वो आज तक मैंने अपनी यादों में छुपाए है

चला गया था छोड़कर जब तू मुझको
तो अपने सारे दुख मैने तेरी तस्वीरों को बताए है
रोशन की अपनी राते जुगनूओ से मैंने
हमारी मोहब्बत के किस्से चांद, तारों को सुनाए है

तेरी मोहब्बत मे ऐसे मोड़ भी आए है
जब दिन मैने तड़प तड़पकर बिताए है

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