sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | मैं तेरी मोहब्बत की छाव में हर पल अपना बिताऊंगी

sad poetry in hindi on love

मैं तेरी मोहब्बत की छाव में हर पल अपना बिताऊंगी

मैं तेरी मोहब्बत की छाव में हर पल अपना बिताऊंगी
मैं तुझ से मिली जुदाई को हंसते हंसते सह जाऊंगी
मैं बनने ना दूंगी रुकावट दूरियों को हमारे दरमियां
तू जब भी पुकारेगा मुझको मैं दौड़ी चली आऊंगी

मैं तेरी सुनी सुनी राहों पर बादल बनकर छाऊंगी
मैं बनकर पेड़ तुझको हर मोड़ पर टकराऊंगी
बिखरूंगी धूप बनकर तेरे घर के कोने कोने में
अगर मिला जन्म परिंदे का तो तेरे आंगन में दाना चुगने आऊंगी

रुकूंगी कुछ दिन जरूर तेरे शहर में आकर मैं
पर तुझ से मिलने तेरे घर ना जाऊंगी
देखकर दूर से ही खुश तुम को मैं
चुपचाप अपनी दुनिया में वापिस लौट आऊंगी

मैं तेरी मोहब्बत की छाव में हर पल अपना बिताऊंगी
मैं तुझ से मिली जुदाई को हंसते हंसते सह जाऊंगी

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