sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | तेरी मोहब्बत का ऐसा असर रह गया है

sad poetry in hindi on love

तेरी मोहब्बत का ऐसा असर रह गया है

तेरी मोहब्बत का ऐसा असर रह गया है
की जाते जाते तू मुझ मे सनम रह गया है
रूह को तो ले गया है साथ अपने तू
मेरे पास बस ये खाली बदन रह गया है

घिरा रहता होगा तू हर वक्त दोस्तों से
मेरे इर्द गिर्द बस मेरा गम रह गया है
जो कुछ भी था सब लूटा दिया तुझ पर
पास अब तेरा दिया जख्म रह गया है

रहा ना जब तू मेरी मंजिल अब
तो नसीब में उम्रभर का सफर रह गया है
बुला रहे है मुसाफिर रस्तों के मुझको
उनसे कहो रुके जरा, सजदे में याद का घर रह गया है

तेरी मोहब्बत का ऐसा असर रह गया है
की जाते जाते तू मुझ मे सनम रह गया है

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