sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | जब आज हाथ में लगी उसकी निशानी

sad poetry in hindi on love

जब आज हाथ में लगी उसकी निशानी

जब आज हाथ में लगी उसकी निशानी
तो फिर याद आई वो भूली बिसरी कहानी
था कभी किसी के हुस्न का दीवाना मैं
थी कभी कोई मेरी ग़जलों की दीवानी

पूरा कॉलेज मरता था जिस पर
उसके प्यार की मुझ पर हुई थी मेहरबानी
दो तरसती आँखें, प्यासे होंठ, पाकीज़ा चेहरा
और मोहब्बत की आग में जलती वो जवानी

मेरे दिल का टुकड़ा थी वो
उसके दिल का मैं इकलौता जानीं
शायद पसंद नही था उसके घरवालों को हमारा मिलना
कर दिया उसका ब्याह, हो गई मुझसे वो बेगानी

जब आज हाथ में लगी उसकी निशानी
तो फिर याद आई वो भूली बिसरी कहानी

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