sad poetry in hindi

sad poetry in hindi on love | sad poetry in hindi | आँखे उम्रभर दरवाज़े को देखती रही

sad poetry in hindi on love

आँखे उम्रभर दरवाज़े को देखती रही

आँखे उम्रभर दरवाज़े को देखती रही
धड़कने माला तेरे नाम की फेरती रही
आँसूं, दर्द, तड़प सब साथ थे मेरी तन्हाई में
यादें तेरी आँख मिचौली मुझसे खेलती रही

जो आग लगाकर गया था तू इश्क़ की
मैं उम्रभर उसको सेकती रही
आज तक कोई किनारा ना मिला मुझको
मैं इस समंदर में कभी डूबती तो कभी तेरती रही

मुझको लोगो ने ना जाने क्या क्या कहां
मैं हर बदनामी अकेली झेलती रही
जो भी ताने मिले मुझे इश्क़ में तेरे
मैं वो सब चुपचाप अपने दामन में समेटती रही

आँखे उम्रभर दरवाज़े को देखती रही
धड़कने माला तेरे नाम की फेरती रही

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